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केसर से स्वास्थ्य को मिलने वाले 21 लाभ
1.
केसर - स्वास्थ्य को मिलने वाले केसर के फायदे तो आप ज़रूर जानते होंगे। दूध में केसर डालकर पीना काफी अच्छा होता है , खासतौर से गर्भवती महिलाओं के लिए। क्योंकि केसर सौंदर्य निखारने में सहयोगी है , इसलिए सुंदर एवं गोरे बच्चे को पाने के लिए गर्भवती महिलाएं अपने आहार में केसर को शामिल करने की कोशिश करती हैं।
2. केसर का इस्तेमाल - हमने यहां केसर को सीधा इस्तेमाल करने की बजाय , कोशिश शब्द का प्रयोग किया है। करें भी क्यों ना ... सोने - चांदी के भाव पर मिलने वाला केसर इस्तेमाल करना हर किसी के बस की बात भी नहीं है। दरअसल अधिकांश लोग जो केसर इस्तेमाल करते हैं वह असली एवं शुद्ध भी नहीं होता , क्योंकि शुद्ध केसर की कीमत तो आसमान को छूती है।
3. महंगी फसल - इसे वही खरीदने की हिम्मत कर सकता है जिसकी आमदनी अच्छी हो। कितनी अजीब बात है ना , हम लोग सोना , चांदी , हीरे खरीदने के लिए भारी - भरकम कीमत अदा करते हैं , ताकि हम सुंदर दिख सकें लेकिन वहीं दूसरी ओर छोटी - छोटी बारीक कलियों वाला यह ‘ केसर ’ ही इन सोने - चांदी की कीमतों को टक्कर देता है। जिसे हम मात्र खाने के लिए खरीदते हैं ...
4. केसर इतना महंगा क्यों है ? - लेकिन ऐसी क्या बात है इस केसर में जो यह इतना महंगा है ? खाद्य पदार्थ तो और भी कई हैं जो हमें काफी फायदा देते हैं। लेकिन केसर के इतना महंगा होने की क्या वजह है ? इसके पीछे छिपा है एक ऐसा इतिहास जिसके बारे में काफी कम लोग जानते हैं।
5. अन्य नाम भी हैं - केसर को अन्य कई नामों से जाना जाता है , जैसे कि कुंकुम , जाफरान अथवा सैफ्रन । शायद आप ना जानते हों कि केसर भारतीय पदार्थ नहीं है , यानि कि यह विदेश से आई हुई फसल है। इसका मूल स्थान दक्षिण यूरोप है , यद्यपि इसकी खेती स्पेन , इटली , ग्रीस , तुर्किस्तान , ईरान , चीन तथा भारत में होती है। भारत में यह केवल जम्मू ( किस्तवार ) तथा कश्मीर ( पामपुर ) के सीमित क्षेत्रों में पैदा होती हैं। क्योंकि वहां की जलवायु केसर के लिए उपजाऊ है , इसके अलावा इसे किसी भी अन्य भारतीय राज्य में उगाना नामुमकिन ही है।
6. केसर भारत कैसे आया ? - लेकिन क्या आप जानते हैं केसर भारत कैसे आया ? इसे भारत में कौन लाया ? और फिर ऐसा क्या हुआ जो इसकी खेती यहां शुरू की गई ? लेकिन केवल भारत ही क्यों , दुनिया में पहली बार केसर कैसे आया यह भी जानने योग्य बात है। दरअसल दुनिया को केसर देने का श्रेय सम्राट सिकंदर को जाता है। आज से करीब दो हजार साल पहले ग्रीस में सिकंदर की सेना ने ही इसकी खेती शुरू की थी। जिसके बाद जहां - जहां सिकंदर की सेना ने अपने पांव पसारे , वहां केसर भी पहुंच गया।
7. पारसी समुदाय के लोग लाए - लेकिन भारत में केसर पारसी समुदाय के लोग लाए थे। कहते हैं विभिन्न मसालों के साथ - साथ उस समय में केसर भी भारत आया था। लेकिन इसे उगाया कैसे जाए यही पारसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई थी। दरअसल केसर को उगाने के लिए कम से कम 20 फीट की ऊंचाई की जरूरत होती है , जो पहाड़ी क्षेत्र में ही संभव है।
8. उगाने के लिए ऊंचाई की जरूरत - इसके अलावा शीतोष्ण सूखी जलवायु की आवश्यकता होती है। पौधे के लिए दोमट मिट्टी उपयुक्त रहता है। हैरानी की बात तो यह है कि केसर किसी फूल में से नहीं , बल्कि अपने पौधे की कली में से निकलता है। और जब तक यह कली के भीतर रहता है तब तक वर्षा एवं हिमपात दोनों बर्दाश्त कर लेता है , लेकिन कलियों के निकलने के बाद ऐसा होने पर पूरी फसल चौपट हो जाती है।
9. केसर से जुड़े फैक्ट्स एवं इतिहास - केसर से जुड़े फैक्ट्स एवं इतिहास यदि आप कभी गहराई से जानेंगे , तो यकीनन भौचक्के रह जाएंगे। इतिहासकारों के मुताबिक एक बार केसर को लेकर दो देशों के बीच युद्ध भी हुआ था। जी हां ... आप यकीन नहीं करंगे लेकिन यह सच है कि सन् 1374 में स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच केसर की वजह से युद्ध हुआ था जो 15 हफ्तों तक चला था। यह युद्ध काफी चर्चित है जिसे ‘ सैफ्रान वार ’ के नाम से जाना जाता है।
10. केसर के नाम से एक शहर - केसर के नाम से एक शहर भी होता था , 16 वीं सदी में इंग्लैंड के एसेक्स टाउन ऑफ चिपिंग वाल्डेन में केसर इतना मशहूर हुआ कि उस जगह का नाम ही ‘ सेफ्रान वाल्डेन ’ रखा दिया गया।
11. एक कास्मेटिक - कभी मिस्र की एक रानी द्वारा केसर कास्मेटिक के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन ना केवल सौंदर्य के लिए , बल्कि अन्य कारणों से भी लोग केसर का भरपूर उपयोग करते थे। अपनी थकान को दूर करने के लिए रोम शहर के नामी - गिरामी लोग केसर से बने तकिये पर सिर रखकर सोते थे , ताकि केसर से मिलने वाली सुंगध के कारण अच्छी नींद आए।
12. कपड़ा बनवाने के लिए - लेकिन यह तो कुछ भी नहीं है जब आपको पता लगेगा कि केसर को कपड़ा बनवाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता था। जी हां .... ईरान के लोग केसर को कपड़ा बनाने वाले धागे में इस्तेमाल करते थे , इसके बाद भी कपड़ा तैयार किया जाता था। कितना अलग रहा होगा वह समय जब भरपूर मात्रा में केसर मौजूद था , और आजकल लोगों को मुश्किल से ही प्राप्त होता है।
13. ईरान में सबसे अधिक पैदावार - वैसे इसका एक कारण ईरान में सबसे अधिक केसर की पैदावार भी है। आंकड़ों के मुताबिक दुनिया भर में सबसे अधिक केसर ईरान में ही उगाया जाता है। लेकिन इसका अर्थ यह हुआ कि इसे कैसे भी इस्तेमाल किया जाए ?
14. जिन्होंने नकली केसर बनाया - चलिए यह लोग तो फिर भी केसर का इस्तेमाल ही करते थे , लेकिन जिन लोगों ने केसर की पैदावार के साथ खिलवाड़ किया उनका परिणाम बहुत बुरा हुआ। एक ऐतिहासिक तथ्य के मुताबिक मध्य काल में कुछ लोगों ने मिलावटी केसर बनाया , उन्हें जिंदा जला दिया गया था।
15. अफ्गानिस्तान में केसर - केसर की एक और बात काफी हैरान करने वाली है , क्या आप जानते हैं कि अफ्गानिस्तान में जब केसर के बारे में अधिक से अधिक जाना गया , तब वहां के लोगों ने एक अहम फैसला लिया। वहां ड्र्ग्स की पैदावार को रोकने के लिए , उसी ज़मीन पर केसर को उगाया गया , और यह फैसला काफी हद तक सफल भी रहा।
16. स्वास्थ्य को मिलने वाले केसर के लाभ - चलिए अब आपको स्वास्थ्य को मिलने वाले केसर के कुछ लाभ बताते हैं , हो सकता है कि इन सभी फायदों से आप परिचित ना हों। केसर के प्रयोग से त्वचा को फायदा होता है , यदि चंदन में मिलाकर लेप बनाया जाए तो इसे लगाने से त्वचा को ठंडक मिलती है।
17. सिरदर्द के लिए - इसी तरह का लेप सिरदर्द एवं थकान दूर करने के लिए भी अच्छा माना जाता है। केसर के प्रयोग से पाचन शक्ति बढ़ती है एवं गैस या एसिडिटी जैसी समस्या कम रहती है। यदि घर में बच्चों को सर्दी - जुकाम हो जाए , तो केसर का दूध देना चाहिए , फायदेमंद होता है।
18. महिलाओं के लिए - महिलाओं के लिए केसर बहुत फायदेमंद होता है। महिलाओं की कई शिकायतें जैसे - मासिक चक्र में अनियमिता , गर्भाशय की सूजन , मासिक चक्र के समय दर्द होने जैसी समस्याओं में केसर का सेवन करने से आराम मिलता है।
19. केसर और दूध - केसर और दूध का मिलाप काफी चर्चित है , यह कई तरह की शारीरिक परेशानियां तो दूर करता ही है। साथ ही हमें ऊर्जा भी देता है , ताकि अनचाही छोटी - छोटी बीमारियों से बचा जा सके।
20. अनिद्रा के लिए - यदि किसी को नींद ना आने की बीमारी है , तो उसके लिए रामबाण इलाज है केसर। अनिद्रा की शिकायत को दूर करने में भी केसर काफी उपयोगी होता है। इसके साथ ही यह अवसाद को भी दूर करने में मदद करता है। रात को सोने से पहले दूध में केसर डालकर पीने से अनिद्रा की शिकायत दूर होती है।
21. केसर में ' क्रोसिन ' - केसर में ' क्रोसिन ' नाम का तत्व पाया जाता है , जो वैज्ञानिक रूप से बुखार को दूर करने में उपयोगी माना जाता है। इसके साथ ही यह एकाग्रता , स्म रण शक्ति और रिकॉल क्षमता को भी बढ़ाने का काम करता है। इतना ही नहीं , आंखों की परेशानी दूर करने में भी मददगार है केसर।
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